नमः शिवाय शम्भवे

चिद्रूपाय नमः

वेदान्त वेद्याय गुरवे नमो नमः॥

संक्षेप परिचय

श्री रामायण वैदिक एजुकेशन फाउंडेशन का गठन विक्रम संवत 2078 दिनांक 17, माह पौष, कृष्ण पक्ष नवमी, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में गति प्राप्त किया गया। वर्ष 2022 में श्री रामायण वैदिक एजुकेशन के क्रिया कलापों के जीव जन्तु, समुदाय के उत्थान हेतु इसकी आगे बढ़ने का संकल्प लिया गया। जनमानस धरती को और अधिक आकर्षक करने का उद्देश्य रख समाज हित, देशहित में जुटा हूँ कि इसके निर्माण का कार्य 09 फरवरी 2025 को शुभ मुहूर्त में प्रारम्भ किया गया। वैदिकाचार्य श्री वेद प्रकाश त्रिवेदी रंगी दुबे द्वारा श्रीमती शांति त्रिवेदी जी को जान्हवी जिनके ज्ञान और विद्या के प्रति उनका सम्पूर्ण जीवन समर्पित किया और उन्होंने शिक्षण का उदाहरण आज भी कायम किया जा रहा है। इस शुभ दिन 06 जनवरी 2026 पौष मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि, श्रवण नक्षत्र, इन्द्र योग, चन्द्रमा राशि के वैधाता योग के साथ पूजन सम्पन्न हुआ। उसके उपरान्त दीप राज प्रज्वलित किये गये। यज्ञ हवन, दीप से प्रज्वलित शिव जी की आरती और ध्यान किया गया। वैदिक मंत्रों और आध्यात्मिक भक्ति से सुसज्जित किया गया और नियमित पूजन किया जा रहा है। जो समस्त शिव जी का पूजन अर्चन किया जा रहा है। जो समस्त समाज के लिए वसंतोत्सव माह शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि में मां सरस्वती की पूजा अर्चना सम्पन्न की गई। वे विद्यालय के लिए छात्र-छात्राओं के मन में विद्या के प्रति प्रेम और श्रद्धा जागृत करने हेतु अनन्त प्रयासों का संकल्प लिया। इसके अतिरिक्त सामाजिक, धार्मिक, नैतिक जागृति के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गये। एक विशेष आयोजन में रामायण, वेद, उपनिषद आदि ग्रन्थों के पाठ का आयोजन किया गया तथा श्री अयोध्या धाम, श्री रामेश्वर, रमेश्वरम आदि तीर्थों का भी उल्लेख किया गया।

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